Posts Tagged ‘सफ़र’

हाथ का ख़ंज़र नजर आने लगा है…

अच्छा हुआ कि तेरा बुरा वक्त अब जाने लगा है,
कम से कम तेरा असली चेहरा नजर आने लगा है…

इस सफर के आखिरी दौर तक हमसफ़र बनके जो रहा,
छुपा हुआ उसके हाथ का ख़ंज़र नजर आने लगा है…

कौन जाने किस जगह कब साथ मेरा छोड़ दे तू,
अब तुझे मुझसे हसीं हर हमसफ़र नजर आने लगा है…

आखिरी वक्त तक जो साथ निभाने का वादा किये थे,
हर उस वादे का अब आखिरी वक्त नजर आने लगा है…

अपने ख़ूँ से जिस शजर को सींचता आया अभी तक,
मेरे ही ख़ूँ का प्यासा अब वो शज़र नज़र आने लगा है…

देखना है किसके हक में आएगा अब तेरा फैसला,
ऐ ख़ुदा! इंसान तुझसे खौफज़द नज़र आने लगा है।

Advertisements

तूफान में अकेला दिया…

भयंकर तूफान में अकेला दिया मैं जल रहा हूँ,
बस इसी कारण हर किसी को ख़ल रहा हूँ…।

हर कदम पे ठोकरें मार देता है ज़माना,
बस इसी कारण आज तक मैं चल रहा हूँ…।

एक बस तूने मुझे आज तक ठुकराया नहीं,
हर दर से ठोकर खाकर इसीलिए मचल रहा हूँ…।

सफ़र का अन्त तेरे दीदार से करना है मुझे,
विष से सिंचित होकर भी इसीलिए तो फल रहा हूँ…।

मौत भी आएगी मुझे हर वादा निभाने के बाद,
आज तक मैं अपनी हर बात पर अटल रहा हूँ…।

अनमोल रत्न

एक अमूल्य संकलन

अपनी बात

भावनाओं के संप्रेषण का माध्यम।

नजरिया

बात जो है खास ....

Civil Services Exam Help

A brief and to the point view and materials on BPSC , JPSC and UPSC Exams

जिसके आगे राह नहीं...

तमन्‍ना

जिसके आगे राह नहीं...

कस्‍बा qasba

जिसके आगे राह नहीं...

आखिरी पथ...

जिसके आगे राह नहीं...

जिसके आगे राह नहीं...

संवेदना

कोशिश मशीनी पड़ रहे मस्तिष्क में भावना-प्रवाह की'

जिसके आगे राह नहीं...

चक्रधर की चकल्लस

जिसके आगे राह नहीं...

Satasangi Lane, Deo 824202

जिसके आगे राह नहीं...

तीसरा रास्ता

जिसके आगे राह नहीं...

Swapnesh Chauhan

जिसके आगे राह नहीं...

अनोखा

साफ कहना, सुखी रहना

यह भी खूब रही

यह भी खूब रही। (Yah bhi khoob rahi)

%d bloggers like this: