Archive for सितम्बर, 2010

कदम तो बढ़ रहे हैं…

कदम तो बढ़ रहे हैं और बढ़ते ही रहेंगे अब
कि मंजिलों को छोटा और करते ही रहेंगे अब
कि आने वाली बाधाओं इतना जान लो अब तुम
कि तुमसे लड़ रहे थे और लड़ते ही रहेंगे अब!

अनमोल रत्न

एक अमूल्य संकलन

अपनी बात

भावनाओं के संप्रेषण का माध्यम।

नजरिया

बात जो है खास ....

Civil Services Exam Help

A brief and to the point view and materials on BPSC , JPSC and UPSC Exams

जिसके आगे राह नहीं...

तमन्‍ना

जिसके आगे राह नहीं...

कस्‍बा qasba

जिसके आगे राह नहीं...

आखिरी पथ...

जिसके आगे राह नहीं...

जिसके आगे राह नहीं...

संवेदना

कोशिश मशीनी पड़ रहे मस्तिष्क में भावना-प्रवाह की'

जिसके आगे राह नहीं...

चक्रधर की चकल्लस

जिसके आगे राह नहीं...

Satasangi Lane, Deo 824202

जिसके आगे राह नहीं...

तीसरा रास्ता

जिसके आगे राह नहीं...

Swapnesh Chauhan

जिसके आगे राह नहीं...

अनोखा

साफ कहना, सुखी रहना

यह भी खूब रही

यह भी खूब रही। (Yah bhi khoob rahi)

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